कॉलेज के वे दिन
कॉलेज के वे दिन चित्र गूगल से साभार केवल कॉलेज परिवेश दर्शाने को भूमिका जीवन की सबसे मधुर स्मृतियों में यदि किसी कालखंड का विशेष स्थान होता है, तो वह निस्संदेह कॉलेज जीवन है। यह वह समय होता है, जब किशोरावस्था से युवावस्था की दहलीज़ पर कदम रखते हुए सपनों को नई उड़ान मिलती है। स्वतंत्रता का एहसास, नए मित्र, नए अनुभव, पढ़ाई, शरारतें, भविष्य की योजनाएँ और जीवन के प्रति उमंग—ये सभी मिलकर ऐसे सुनहरे पल रचते हैं, जो समय बीत जाने के बाद भी स्मृतियों में सदैव जीवंत बने रहते हैं। प्रस्तुत संस्मरण उसी अविस्मरणीय कॉलेज जीवन की सहज, रोचक और आत्मीय झलक प्रस्तुत करता है। संस्मरण स्कूल के कठिन अनुशासन से निकलकर जब कॉलेज पहुँचे, तो ऐसा लगता था मानो खुले आसमान में उड़ने के लिए पंख मिल गए हों। रंग-बिरंगे फैशनेबल कपड़े, मैचिंग बैग, अपनी निजी गाड़ी से कॉलेज आना, मन हुआ तो कक्षा में बैठ गए और मन नहीं हुआ तो पहली बार जाना कि 'जनरल बंक' भी कोई चीज़ होती है। लेकिन कुछ ही महीनों बाद वास्तविकता का एहसास होने लगा। लगा कि पढ़ाई में शायद पीछे छूट रहे हैं। फिर शुरू हुई...