पर्यटन और पर्यटक
पर्यटन दिवस पर विशेष पर्यटन और पर्यटक यात्रा स्थान बदलना नहीं, दृष्टिकोण बदलना है जब मन उदास हो और सामने हरी-भरी वादियों का साथ मिल जाए, तो सारे एहसास कुछ खास हो जाते हैं। अनजान रास्तों पर अपनी ख्वाहिशों के साथ जब हम सफर करते हैं, तो कहीं-कहीं ऐसे नजारे सामने आ जाते हैं कि आँखें उन्हें देखती ही रह जाती हैं। हम उन पलों को आँखों के रास्ते दिल के कैमरे में कैद कर लेना चाहते हैं। कभी एक तस्वीर के लिए कैमरे का क्लिक जरूरी होता है, तो कभी कोई दृश्य बिना तस्वीर के ही मन में हमेशा के लिए बस जाता है। खूबसूरत नजारे देखकर दिल का मौसम अंगड़ाई लेने लगता है और भीतर से आवाज आती है— “यूँ ही चला चल राही, यूँ ही चला चल राही, कितनी हसीन है ये दुनिया...” जब हम चलने लगते हैं, तो लगता है जैसे रास्ते भी हमारे साथ-साथ चल रहे हों। किसी की तलाश में हों या अवकाश पर, कारोबार के सिलसिले में यात्रा कर रहे हों या परिवार के साथ समय बिताने के लिए—किसी न किसी रूप में यात्रा हम सबके जीवन का हिस्सा है। यात्रा को सुंदर और यादगार बनाते हैं हमारे साथ चलने वाले लोग, यात्रा का उद्देश्य, रास्तों के अनुभव और गंतव्य तक पहुँचने स...